Thursday, April 12, 2012

सिटी में महिलाएं सेफ नहीं है. आये दिन महिला और स्टुडेंट्स के साथ चेन स्नाचिंग की घटनैयें होती रहती है. यदि हम अन्क्रों पर गौर करें तो फेब्रुरारी से लेकर अप्रैल तक चेन स्नाचिंग की वारदात हुई है.

Tuesday, May 17, 2011

इतिहास बन गई हो खुशबू

२७ अप्रैल,२०११। रांची के सन जेविएर कॉलेज में एक लड़की एग्जाम देने आती है और एक सनकी प्रेमी के द्वारा उसकी गर्दन एक झटके में अलग कर दिया जाता है। आरोपी तो पकड़ लिया जाता है, पर खुशबू इस दुनिया में नहीं रहती है। कॉलेज से लेकर सिटी में चर्चा और कुछ नहीं। नेशनल से लेकर लोकल मीडिया तक में कवरेज की होड़। जिसने सुना और देखा किसी को विश्वास नहीं हुआ।
कैसे हुआ यह सब
प्रेम के दीवाने एक लड़के ने सिटी के चर्चित संत जेविएर कॉलेज में ब्रुटल किलिंग को अंजाम दिया। घटना पौने पञ्च बजे उस समय घटी, जब स्टुडेंट एग्जाम का पेपर देकर क्लास रूम से निकल रही थी। इस घटना से कॉलेज ही नहीं पूरी सिटी में सनसनी फ़ैल गई। कॉलेज के होस्टल में रह रहे लडको ने हताय्रोपी को धर दबोचा। उसकी इतनी पिटाई हुई की उसे हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा. बाद में पता चला की विजेंद्र प्रसाद ने उसकी इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह जब अपने नानी घर में थी तो विजेंद्र को उससे प्यार हो गया। खुशबू की कहीं और शादी ठीक हो गयी। इसका दर्द वह नहीं सह सका और उसने जूनून में उसकी हत्या कर दी। जमशेदपुर का लड़का विजेंद्र प्रसाद फिहाल जेल में है।

Monday, June 28, 2010

आखिर कुंदन है कहाँ


झारखण्ड में जिधर देखो, कुंदन पाहन की ही चर्चा निकलती हैuu। यदि पुलिस होती है तो पुलिस कहती है की कुंदन पाहन के दस्ते से इन्कोउन्टर हुआ है और वो फरार हो गया है। पुलिस सर्च अभियान चला रही है। आईसीआईसीआई बैंक के पांच पांच करोड़ लूटकांड, विधायक रमेश सिंह munda हत्याकांड सहित कई नक्सली घटनाओ को अंजाम देनेवाले कुंदन पाहन कहाँ है. इस सवाल का जवाब न तो रांची पुलिस को पता है और न ही यहाँ की स्पेशल ब्रांच को. अब सवाल उठता है की कुंदन पाहन को जमीन खा गई या आसमान निगल गया. किसी को कुछ पता नहीं. जहाँ तक मुझे पता है, उसी के गिरोह में शामिल एक कैडर रांची आया था और उसने एक व्यक्ति को कहा था की कुंदन पाहन की मौत हो चुकी है और उसका कब्र बरिगढ़ा में दफ़न कर दिया गया है. हालाँकि उनलोगों ने यह भी कहा था की संघटन में उसके नामे को जिन्दा रखना है. इसलिए उनके नाम को जिन्दा रखना है. इधर रांची पुलिस हर बार यह कहती है की कुंदन पाहन अभी जिन्दा है और वह संघटन चला रहा है. मेरा कहना है की यदि वह जीवित है तो पुलिस के फुंडे में अब तक क्यों नहीं आया है. कहाँ है कुंदन पाहन. पुलिस उसके एरिया में सर्च अभियान चलती है, उसके सपोर्टर पकडे जाते हैं, लेकिन वह पकड़ा नहीं जाता. पुलिस ने उस पर पांच लाख का इनाम भी रखा है. हालाँकि यह कहा गया था की जनवरी महीने में ही अनघरा में हुए इन्कोउन्टर में गोली लगी थी और गोली उसके अंडकोष में लगी थी. पुलिस के चारों तरफ घेराबंदी के कारन कुंदन गुफाओं में छिपकर रहा. प्रोपर इलाज नहीं होने से उसकी वहीँ मौत हो गयी.
मैं यहाँ यह बता दूं की लोग उसे रोबिन हुड से पुकारते हैं. इलाका में सभी उसे भगवान् मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं. कुंदन के गाँव में दिन में कोई मेल मेम्बर नहीं रहता है. वे लोग जंगले में दिन बिताते हैं और रात को घर लौटते हैं. गाँव में दुसरे लोग जाने की हिम्मत नहीं करते हैं. वह अपने एरिया में लोगों की बेटिओं की शादी में पैसे से मदद भी करता है.
अब लोग कर रहे हैं उसका विरोध
अब पुरे झारखण्ड में इस बात की अफवाह है की कुंदन से लोग नफ़रत करने लगे हैं. इस सम्बन्ध में जब उसके सपोर्टर से बात की तो पता चला की पुलिस दबिश के कारन उनलोगों को ऐसा करना पड़ रहा है. क्योंकि पुलिस हर बार गाँव में आती है और सर्च के बहाने घरों को तोड़फोड़ डालते हैं. पुलिस महिलाओं को तंग करती है. यही कारन है की मेल मेम्बर दिन में घरों से गायब रहते हैं. यदि हम उसकी पारिवारिक जीवन के पीछे जाएँ तो यह पता चलता है की उसने पून्जिप्तिओन ने उसके भाई की हत्या कर दी थी.

पोस्टर से कुंदन की खोज रांची पुलिस इन दिनों पोस्टर के जरिये कुंदन पाहन की खोज हो रही है. पोस्टर में उसे खलनायक की संज्ञा दी है. अब सवाल यह उठता है की वह रोबिन हुड है या खलनायक.